Deendayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana: जानें कितनी लाभदायक है

Pandit Deendayal Yojana Apply | दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना रजिस्ट्रेशन | Deendayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Scheme In Hindi

Deendayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana: इस योजना का उद्देश्य गरीब ग्रामीण युवाओं को सरकार द्वारा स्किल देने के बाद निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के बराबर या उससे ऊपर के वेतन पर रोजगार उपलब्ध कराना है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार देश के ग्रामीण युवाओं को नौकरी दिलाने के लिए खास स्कीम चलाती है। इसका नाम दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (Deendayal Upadhyaya Grameen Kaushalya) है। भारत सरकार ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए की गई पहलों में से एक है। डीडीयू-जीकेवाई को 25 सितंबर 2014 में शुरू किया गया था। केंद्र की इस योजना का उद्देश्य गरीब ग्रामीण युवाओं को सरकार द्वारा स्किल देने के बाद निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के बराबर या उससे ऊपर के वेतन पर रोजगार उपलब्ध कराना है। सरकार का लक्ष्य डीडीयू-जीकेवाई से 5.5 करोड़ से अधिक ग्रामीण युवाओं को कुशल बनाने और उसके बाद रोजगार उपलब्ध कराना है।

Deendayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana

Pandit Deendayal Yojana का उद्देश्य देश के बेरोजगार युवाओं को अपनी युवा शक्ति का सदुपयोग करना है। जिसके जरिए युवाओं को उनके मनपसंद कौशल में ट्रेनिंग दी जाती है। जब उनकी ट्रेनिंग पूरी हो जाती है और वह अपने काम में निपुण हो जाते हैं तो उन्हें नौकरी मुहैया कराई जाती है। इसके साथ ही सरकार के द्वारा एक प्रमाण पत्र भी दिया जाता है। इस प्रमाण पत्र से युवाओं को नौकरी मिलने में काफी आसानी होती है। इसके बाद देश के युवा रोजगार युवा अपने बेरोजगारी को दूर करते हैं इसके साथ ही देश की तरक्की भी होती है।

Deendayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana
Deendayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना का उद्देश्य

इस Deendayal Upadhyaya Grameen Kaushalya योजना का खास उद्देश्य कम पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं को ट्रेनिंग देकर इस लायक बनाना है कि, वह अपने पैरों पर खड़े हो सकें और अपनी बेरोजगारी दूर करने के अलावा देश की तरक्की में योगदान दे सकें। इस योजना का मुख्य उद्देश्य खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में वह युवा बेरोजगार जो अपने जीवन से निराश हो चुके हैं उन्हें प्रोत्साहित करना है।

क्या इसमें महिलाएं शामिल हो सकती है

DDU-GKY में सामाजिक रूप से वंचित समूह को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। इस (Deendayal Upadhyaya Grameen Kaushalya) योजना के लिए आवंटित धन का 50% अनुसूचित जाति-जनजाति, 15% अल्पसंख्यकों के लिए और 3% विकलांग व्यक्तियों के लिए निर्धारित किया गया है। इस तरह के कुशलता कार्यक्रम में युवाओं की संख्या में एक तिहाई संख्या महिलाओं की रखी गयी है।

Deendayal Upadhyaya Grameen Kaushalya योजना में कितनी मदद मिलती है

डीडीयू-जीकेवाई के तहत कुशलता विकसित करने के कार्यक्रम में 25,696 से लेकर 1 लाख रुपये प्रति व्यक्ति तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है। यह वास्तव में परियोजना की अवधि और ट्रेनिंग योजना के प्रकार (आवासीय या गैर आवासीय) पर निर्भर करता है। डीडीयू-जीकेवाई 576 घंटे (3 महीने) से लेकर 2,304 घंटे (12 महीने) तक के प्रशिक्षण के लिए वित्तीय सहायता देता है।

Pandit Deendayal Yojana मूल्यांकन

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रदान करना है। इस योजना को कौशल विकास और उद्यमिता और आजीविका विभाग द्वारा कार्यान्वित किया Deendayal Upadhyaya Grameen Kaushalya योजना के अंतर्गत प्लेसमेंट प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया है। जिसके अंतर्गत यह पाया गया कि इस योजना के अंतर्गत प्लेसमेंट का प्रदर्शन खराब है। यह मूल्यांकन कर्नाटका इवैल्यूएशन अथॉरिटी के द्वारा किया गया है।

मूल्यांकन में निम्नलिखित मुख्य बातें सामने आई हैं जो इस प्रकार हैं:

  • संस्था द्वारा 2014–15 से 2018–19 तक का मूल्यांकन किया है।
  • इस योजना का लाभ ज्यादातर ग्रैजुएट्स को मिल रहा है।
  • इनमें से लगभग 40% ग्रैजुएट्स थे।
  • इस मूल्यांकन में यह पाया गया है कि इस योजना के अंतर्गत इन 5 सालों की अवधि में प्लेसमेंट की दर 36.68% है।
  • यह प्लेसमेंट की दर योजना के दिशा निर्देशों के हिसाब से तथा नेशनल प्लेसमेंट रेट के हिसाब से काफी नीचे है।
  • कर्नाटका इवैल्यूएशन अथॉरिटी के द्वारा 2687 लोगों पर सर्वेक्षण किया गया था।
  • इसका मतलब यह है कि इस योजना का लाभ ज्यादातर शिक्षित बेरोजगार नागरिकों को पहुंच रहा है।
  • मूल्यांकन में यह बात भी सामने आई है कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के 3 महीने बाद लगभग 50% लाभार्थियों को प्लेसमेंट प्राप्त हो गई थी। इनमें से कई लाभार्थियों ने कम वेतन होने की वजह से तथा असुविधानक स्थान होने की वजह से नौकरी से इस्तीफा दे दिया था।
  • इस योजना के अंतर्गत अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिले कोडागु, उत्तर कन्नड़, मंडाया तथा बेंगलुरु है।
  • Deendayal Upadhyaya Grameen Kaushalya योजना के अंतर्गत कम प्रदर्शन करने वाले जिले दवांगेरे, बीदर, यादगीर तथा बंगाल कोर्ट है।
  • इस योजना के अंतर्गत औसदान मासिक वेतन 8136.45 रुपए है।

Deendayal Upadhyaya Grameen Kaushalya योजना के लाभ

  • दीन दयाल योजना के अंतर्गत ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये प्रशिक्षण उनकी रूचि के हिसाब से दिया जाएगा ताकि वो अपने कौशल को और निखार सकें।
  • इस योजना में भाग लेने के लिए सभी जरूरतमंद युवाओं को रोजगार सम्बन्धी जानकारी दी जाएगी।
  • प्रशिक्षण के साथ ही उन्हें रोजगार के अवसर भी प्रदान किये जाएंगे।
  • रोजगार मिलने से युवाओं में बेरोजगारी के चलते उभरने वाली आपराधिक प्रवृत्ति में भी कमी आएगी।
  • प्रशिक्षण मिलने से युवाओं का विकास होगा और वो अपनी जीविका चलाने में सक्षम बनेंगे।
  • इस योजना Deendayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana के अंतर्गत दिए जाने वाले प्रशिक्षण रोजगार देने वाले होंगे।
  • प्रशिक्षण के पूरे होने के बाद प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा और वो देश में सभी जगह मान्य होगा।
  • दीन दयाल योजना से ग्रामीण क्षेत्रो का न केवल विकास होगा बल्कि गरीबी भी नियंत्रण में आएगी।
  • प्रशिक्षण के साथ ही सभी को विभिन्न उद्योगों से सम्बंधित जरुरी जानकारी भी दी जाएगी।
  • ये भी प्रयास रहेगा की अगर कोई व्यक्ति स्वयं भी कोई उद्योग लगाना चाहे तो उसे भी सक्षम बनाया जाएगा।
  • इस योजना के तहत 200 से ज्यादा कार्यों को सम्मिलित किया गया है। इसमें युवा अपनी रूचि अनुसार प्रशिक्षण ले सकते हैं।
  • DDU-GKY के अंतर्गत उन सभी युवाओं को भी प्रशिक्षण का मौका मिलेगा जो कम पढ़े-लिखे हैं। जिसके चलते वो भी आसानी से रोजगार पा सकते हैं।

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के जरूरी कागजात

हम यहां पर आपको दीनदयाल उपाध्याय कौशल्य योजना (Deendayal Upadhyaya Grameen Kaushalya) के अंतर्गत काम आने वाले जरूर कागजातों के बारे में बता रहे हैं जो निम्नलिखित हैं:

  • आधार कार्ड।
  • वोटर आईडी कार्ड।
  • आयु प्रमाण पत्र।
  • आय प्रमाण पत्र।
  • स्थाई निवासी प्रमाण पत्र। 
  • तीन पासपोर्ट साइज फोटो।

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना की ये हैं पात्रता

DDU-GKY (Deendayal Upadhyaya Grameen Kaushalya) योजना में भाग लेने हेतु आवेदन करने से पहले आपका पात्रता शर्तें जानना जरुरी है। कृपया इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने से पूर्व इस से जुडी पात्रता शर्तों को ध्यान से पढ़ लें:

  • अगर आपकी उम्र 15 से 35 वर्ष है तो आप आवेदन कर सकते हैं।
  • अगर आप बेरोजगार हैं तो आप भी अप्लाई कर सकते हैं।

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (Deendayal Upadhyaya Grameen Kaushalya) का ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आपको निम्नलिखित स्टेप्स को फॉलो करना पड़ेगा:

  • इसके लिए सबसे पहले आपको दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • इस लिंक पर क्लिक करने के बाद आपको इस वेबसाइट का होम पेज दिखाई देगा।
  • होम पेज पर आपको न्यू रजिस्ट्रेशन का ऑप्शन दिखाई देगा जिस पर आप को क्लिक करना है।
  • क्लिक करने के बाद आपके सामने इस योजना का आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा।
  • जिस पर आपको फोन नंबर लिखने का ऑप्शन दिखाई देगा।
  • इस पर आपको अपना रजिस्ट्रेशन मोबाइल नंबर लिखना है।
  • फोर्म में आपको अपने आप से संबंधित सभी जानकारियों को ध्यान से भरना होगा।
  • इस फॉर्म में आपसे जरूरी दस्तावेजों के बारे में विवरण मांगा जाएगा।
  • सारे जरूरी दस्तावेजों को आपको स्कैन करके अपलोड करना होगा।
  • इसके बाद आपको सबमिट के बटन पर क्लिक करना होगा।

तो दोस्तों इस प्रकार आप दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (Deendayal Upadhyaya Grameen Kaushalya) में अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इसके बाद आपको संबंधित अधिकारियों की तरफ से एक SMS द्वारा सूचित किया जाएगा कि आपको कौन से ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग दी जाती है।

Leave a Comment