Kisan Nyay Yojana: जानें क्या है छत्तीसगढ़ राजीव गाँधी किसान न्याय योजना

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Kisan Nyay Yojana: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के साथ ही गोधन न्याय योजना के तहत करीब 72 हजार पशुपालकों के खातों में भी गोबर खरीद की राशि ऑनलाइन माध्यम से भेजी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर (Kisan Nyay Yojana) प्रदेश के किसानों को दी जाने वाली सहायता राशि की पहली किस्त जारी की। सीएम बघेल ने अपने आवास पर स्थित कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में किसानों के खाते में यह राशि भेजी।

Kisan Nyay Yojana
Kisan Nyay Yojana

सरकार द्वारा सन 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके लिए राज्य एवं केंद्र सरकार विभिन्न प्रकार की योजनाएं समय-समय पर आरंभ कर रही है। जिससे कि देश के किसान सशक्त एवं आत्मनिर्भर बन सकें। इसी बात को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना का शुभारंभ किया गया है। इस योजना (Kisan Nyay Yojana) के माध्यम से किसानों को धान के समर्थन मूल्य के अंतर की राशि प्रदान की जाएगी। इस लेख को पढ़कर आपको इस योजना से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी।

Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana

राजीव गांधी किसान न्याय योजना को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी के द्वारा आरंभ किया गया है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के किसानों को ₹9000 प्रति एकड़ आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि मक्का, कोदो, कुटकी, सोयाबीन, अरहर तथा गन्ना उत्पादक कृषकों को प्रदान की जाएगी। इसके अलावा यदि वर्ष 2020-21 में किसान द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया था और किसान धान के बदले कोदो कुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगंधित धान, केला, पपीता आदि की फसल लगाता है या फिर वृक्षारोपण करता है तो इस स्थिति में किसान को ₹10000 प्रति एकड़ आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

सरकार द्वारा इस योजना (Kisan Nyay Yojana) का बजट ₹ 5100 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है। राज्य के सभी किसान इस योजना का लाभ प्राप्त करने के पात्र है। वित्त मंत्री द्वारा 2020-21 का बजट पेश करते हुए इस योजना को आरंभ करने का निर्णय लिया गया था।

क्या है किसान न्यूनतम आय

आपको बता दें कि न्यूनतम आय योजना (Kisan Nyay Yojana) के अंतर्गत राज्य के किसानों को उनकी धान की फसल पर लाभ पहुंचाना एक अहम बिंदु के अंतर्गत  रखा गया है। किसान न्यूनतम आय योजना के तहत किसानों को उनकी धान के फसल के ऊपर एक निश्चित राशि मुहैया कराई जाएगी जिन से किसानों को कोई हानि ना हो और धान की फसल के एवज में उन्हें एक अच्छा खासा फायदा हो सके।

किसान न्यूनतम आय योजना (NYAY Scheme) की जिक्र राज्य सरकार के द्वारा  बजट 2022 के दौरान किया गया।

बजट 2022 में योजना के अंतर्गत महत्वपूर्ण घोषणाएं

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा 9 मार्च 2022 को बजट की पेशकश की गई है। मुख्यमंत्री जी के द्वारा बजट में किसानों के लिए कई घोषणाएं की गई है। राजीव गांधी Kisan Nyay Yojana के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली वार्षिक सहायता को ₹6000 से बढ़ाकर ₹7000 करने की घोषणा की गई है। जिससे कि किसानों को न्याय एवं आर्थिक सुरक्षा प्राप्त होगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री जी के द्वारा यह जानकारी भी प्रदान की गई है कि ₹2500 प्रति क्विंटल की दर से सरकार द्वारा धान की खरीद की गई है। इसके अलावा कई किसानों को बोनस राशि का भुगतान किया गया है। यह योजना किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार करने के उद्देश्य से आरंभ की गई थी। इस योजना के संचालन से प्रदेश के किसान सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनेंगे।

राजीव गांधी Kisan Nyay Yojana के अंतर्गत जारी की जाएगी तीसरी किस्त

जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं राजीव गांधी किसान न्याय योजना फसल उत्पादकता एवं फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आरंभ किया गया है। इस योजना के माध्यम से किसानों को खरीफ वर्ष 2019 से आदान सहायता राशि प्रदान की जा रही है। वर्ष 2019 में धान एवं गन्ना उत्पादक 19 लाख कृषकों को 5702 करोड 13 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई है। इसके (Kisan Nyay Yojana) अलावा वर्ष 2020 में धान एवं गन्ना उत्पादक कृषकों को चार किस्तों में आदान सहायता राशि प्रदान की गई है। जिस की प्रथम किस्त की राशि 1525 करोड़ 97 लाख रुपए थी। जो कि 21 मई 2021 को प्रदान की गई थी। द्वितीय किस्त की राशि 1522 करोड़ 3 लाख रुपए थी जिसका भुगतान 20 अगस्त 2021 को किया गया था।

तीसरी किस्त की राशि 1500 करोड़ है। जिसका भुगतान सरकार द्वारा राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 1 नवंबर 2021 को किया जाएगा। लगभग 21 लाख किसानों को यह तीसरी किस्त की राशि प्राप्त होगी। इन सभी किस्तों को मिलाकर राज्य में कृषकों को कुल 4548 करोड़ रुपए की राशि इस योजना के अंतर्गत प्रदान की जा चुकी है।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना का उद्देश्य

इस योजना (Kisan Nyay Yojana) का मुख्य उद्देश्य किसानों के उत्पादन में वृद्धि करना है। यह वृद्धि किसानों को अनुदान राशि प्रदान करके की जाएगी। यह अनुदान राशि सभी पात्र किसानों को प्रतिवर्ष प्रदान की जाती है। अनुदान राशि प्राप्त होने से सभी किसान फसल का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित होंगे। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी तथा वह आत्मनिर्भर एवं सशक्त बन सकेंगे। इस योजना के माध्यम से किसानों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।

सीएम भूपेश बघेल ने कहा पूरा किया वादा

इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हम छत्तीसगढ़ियों के लिए आज सबसे बड़ा त्योहार है। आज ही के दिन छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण का सपना पूरा हुआ था। हमने राजीव गांधी किसान न्याय योजना (Kisan Nyay Yojana) की तीसरी किस्त का भुगतान कर अपना वादा पूरा किया है। पिछले दो वर्षों में कोरोना संकट के बावजूद हमारे गांवों में त्योहारों के समय पैसे की कोई कमी नहीं आने दी गई। इस साल भी हमारे किसान भाई भरपूर उत्साह के साथ दिवाली मनाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की किसान हितैषी नीतियों से बीते तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ राज्य में खेती-किसानी खूब फली-फूली और समृद्ध हुई है।

राजीव गांधी Kisan Nyay Yojana लक्ष्य

Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana के अंतर्गत गन्ना उत्पादक किसान को भी 74 करोड़ 24 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। गन्ना उत्पादक श्रेणी में 34292 किसान हैं। इस योजना के सभी श्रेणी के किसानों को अब तक 5 हजार 702 करोड़ 13 लाख रुपए का भुगतान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसमें से 4 हजार 597 करोड़ 86 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। राजीव गाँधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत लगभग 18.38 लाख किसानों को सीधे उनके बैंक अकाउंट में लाभ की राशि प्रदान की जाती है। इन किसानों में 9.54 लाख सीमांत किसान है, 5.60 लाख लघु किसान है तथा 3.21 लाख बड़े किसान शामिल है। इस योजना में 14 फसलों पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। जो कि धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, कुलथी, राम तिल, कोदो, कुटकी, रागी और गन्ना है।

महत्वपूर्ण दस्तावेज

इस राजीव गाँधी किसान न्याय योजना (Kisan Nyay Yojana) के लिए इन दस्तावेजों की होगी आपको जरुरत:

  • आधार कार्ड।
  • निवास प्रमाण पत्र।
  • आय प्रमाण पत्र।
  • बैंक खाता पासबुक।
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ।
  • मोबाइल नंबर।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना (Kisan Nyay Yojana) में आवेदन कैसे करें

इस योजना (Kisan Nyay Yojana) के लिए आप दो तरह से आवेदन कर सकते हैं, जैसा की हमने नीचे बता रखा है:

ऑनलाइन आवेदन

  • सर्वप्रथम आपको राजीव गांधी किसान न्याय योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • होम पेज पर आपको आवेदन फॉर्म के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके पश्चात (Kisan Nyay Yojana) आपके सामने एक नया पेज खुल कर आएगा।
  • इस पेज पर पीडीएफ फॉर्मेट में आवेदन पत्र होगा।
  • अब आप को डाउनलोड के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर पाएंगे।

ऑफलाइन आवेदन

  • सर्वप्रथम आपकों राजीव गांधी किसान न्याय योजना का आवेदन पत्र कृषि विस्तार अधिकारी से प्राप्त करना होगा।
  • इसके पश्चात आपको आवेदन पत्र ध्यानपूर्वक भरना होगा।
  • अब आपको आवेदन से सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे की ऋण पुस्तिका, बी–1, आधार नंबर, बैंक पासबुक की छायाप्रति को अटैच करना होगा।
  • अब आपको कृषि विस्तार अधिकारी के पास इस आवेदन पत्र को जमा करना होगा।
  • इसके बाद कृषि विस्तार अधिकारी को आपके (Kisan Nyay Yojana) आवेदन पत्र का सत्यापन करके निर्धारित समय सीमा में संबंधित प्राथमिक कृषि साख समिति में जमा करना होगा।
  • कृषक इसके पश्चात संबंधित प्राथमिक कृषि साख समिति से पावती प्राप्त कर सकते है।
  • यदि खातेदार संयुक्त है तो इस स्थिति में पंजीयन नंबरदार नाम के साथ किया जाएगा।
  • ऐसे सभी खातेदारों को आवेदन पत्र के साथ सभी खाताधारकों की सहमति शपथ पत्र एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जमा करने होंगे।
  • पंजीकृत नंबरदार कृषक के खाते में आधार सहायता राशि जमा की जाएगी।
  • इस सहायता राशि का बंटवारा खातेदार आपसी सहमति से करेंगे।

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